भण्डारे के साथ दिव्य और भव्य भागवत कथा का समापन्न हुआ पौड़ी चोपड़ा में , कथा के अंतिम दिवस उमड़ा श्रद्धालुओं का भारी सैलाब – RAIBAR PAHAD KA


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मोक्षदायनि वेदान्त का सार है भागवत कथा (राणा के शौर्य प्रताप से सभी घुमंतू प्राणी वाकिप छोटे बड़े सभी नेता दरबार में आकर व्यासपीठ पर पहुंचे शीश नवाने
स्वर्ग और मोक्ष के सब सुखों को तराजू के एक पलड़े में रखा जाए, तो भी वे सब मिलकर (दूसरे पलड़े पर रखे हुए) उस सुख के बराबर नहीं हो सकते, जो लव (क्षण) मात्र के सत्संग से होता है।चौपड़ा गांव मनियारस्यूं पौड़ी गढ़वाल (कल्जीखाल प्रमुख बीना राणा और द्वारीखाल महेन्द्र सिंह राणा दोनों पति- पत्नी एवं उनका परिवार दोनो भाई मातवर और मुकेश राणा द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के समापन दिवस पर ज्योतिष्पीठ बद्रिकाश्रम व्यासपीठालंकृत आचार्य शिवप्रसाद ममगांई ने कहा , चिन्तन को बढ़ाओ और चिंता को मिटाओ, चिन्ता संसार की होती है और चिन्तन परमात्मा का होता है, जब चार बातों को ध्यान में रखकर व्यक्ति चिन्तन को बढ़ायेगा तो ज्यादा से ज्यादा चिन्तन प्रभु का करेगा, धीरे-धीरे मन परमात्मा में लग जायेगा, मन की चंचलता समाप्त हो जायेगी, देहाभ्यास की निवृत्ति हो जायेगी।
उसके बाद श्री शुकदेवजी ने परमात्मा का चिंतन किया, उनका दिव्य स्तवन किया, राजा ने कहा, भवन! सारी सृष्टि को परमात्मा कैसे बनाते हैं?
आयोजकों के द्वारा विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया वहीं भागवत शब्द की व्याख्या करते हुए आचार्य ममगांई ने कहा भागवत-रस-रसिको! यह श्रीमद्भागवत वेद रूप कल्पवृक्ष का परिपक्व (सुपक्व) फल है। श्रीशुक के मुख से संस्पृष्ट होने के कारण यह आनन्दपूर्ण अनन्त अमृत से भरपूर है। इस फल में छिलका गुठली आदि त्याज्य अंश तनिक भी नहीं है। यह रसस्वरूप परमात्मा का अभिव्यंज्यक, प्रकाशक होने के कारण साक्षात् रस ही है। मुक्त हो जाने पर भी पुनः-पुनः (बार-बार) इसका पान करते ही रहिये। यह भूलोक में ही सुलभ है। स्वर्गलोक, कैलासपुरी, वैकुण्ठ में भी सुदुर्लभ है। अतः भाग्यवान भक्तो! इस रस को पियो, पियो, पीते रहो, कभी मत छोड़ो, कभी मत छोड़ो।
आदि प्रसङ्गो पर लोग भाव विभोर हो गए आज कथा समापन पर यजमान मातवर सिंह राणा महेंद्र सिंह राणा ने कथा सुनने आए सभी प्रदेश और क्षेत्र के जनप्रतिनिधि सभी राजनैतिक दलों के लोग हमारे परिवार के प्रति प्रेम रखने वाले सभी का आभार व्यक्त किया और उन्हे व्यासपीठ से सभी अंगतूंगो को अंग वस्त्र ओढ़कर कर सम्मानित भी किया साथ ही इस सत दिवसीय ज्ञान यज्ञ सप्ताह में रात दिन सहयोग करने वाले सभी परिजनों, गांववासियों शुभचिंतकों का विशेष आभार व्यक्त किया इस अवसर पर प्रेम प्रकाश कुकरेती, आचार्य सुदर्शन जुयाल सौरव डोबरियाल,संजीव जुयाल
सुमन कोटनाला मंडी समिति अध्यक्ष,नैनीताल जिले से आए विधायक प्रमोद नैनवाल, विधायक महंत दलीप रावत,पूर्व विधायक शैलेन्द्र सिंह रावत,सुमंत तिवारी जिला पंचायत उपाध्यक्ष रुद्रप्रयाग,विनोद धनोसी,जखोली प्रमुख प्रदीप थपलियाल, जेष्ठ प्रमुख अर्जुन सिंह गहरवार, विपिन कोटनाला,डीसीडीएफ ओ के चेयरमैन रविन्द्र नेगी,पूर्व प्रमुख कोट सुनील लिंगवाल आदि की मौजूदगी रही। रिपोर्ट जगमोहन डांगी ग्रामीण पत्रकार

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