Tuesday, June 18, 2024
spot_img
Homeउत्तराखंडबड़ी खबर: यहां विनाशकारी तूफान के बाद आई बाढ़ ने मचाई तबाही...

बड़ी खबर: यहां विनाशकारी तूफान के बाद आई बाढ़ ने मचाई तबाही 5300 से ज्यादा मौतें 10 हजार लापता – RAIBAR PAHAD KA


शेयर करें

एक्सक्लूसिव :बागेश्वर उपचुनाव की जीत में कैसे चला सीएम धामी का करिश्मा, समझिए इन आंकड़ों से, पहाड़ में सीधे मुकाबले में कम बड़ी नहीं है 2405 वोटो की जीत, पार्टी के भीतर इन नेताओं को हजम नहीं हो रही ये जीत: पढ़ें स्पेशल रिपोर्ट इस खबर को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें, 👈👈👈

उत्तरी अफ्रीकी देश लीबिया में विनाशकारी तूफान ‘डेनियल’ के बाद आई बाढ़ ने तबाही रखा है. यहां पूर्वी शहर डर्ना में पिछले 24 घंटे में 1500 से ज्यादा लोगों के शव मिले हैं. 5300 से ज्यादा लोगों के मारे जाने और 10 हजार से ज्यादा लोगों के लापता होने की खबर है. ऐसे में मृतकों की संख्या में अभी बढ़ोतरी हो सकती है. अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ का कहर लीबिया के पूर्वी इलाके में देखने को मिला है, जहां डर्ना शहर पूरी तरह तबाह हो गया है.

बड़ी खबर:केंद्रीय योजनाओं को सबसे पहले लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य इस खबर को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें, 👈👈👈

डैनियल तूफान की वजह से आई भयानक बाढ़

तूफान का नाम है डैनियल (Storm Daniel). इससे आई बाढ़ ने बांधों को भी तोड़ डाला. कई जगहों पर घर टूट गए. समुद्र का पानी बाढ़ का रूप लेकर शहर में घुस गया. ब्रिज टूट गए. इतनी भयानक तबाही पहले किसी ने नहीं देखी थी. कहा जा रहा है कि डर्ना में 5 हजार से ज्यादा लोगों के मारे जाने की आशंका है. पूर्वी लीबिया के मंत्री मोहम्मद अबु-लमौशा ने बताया कि पहले आशंका 2300 लोगों के मारे जाने की थी. लेकिन जिस हिसाब से नुकसान हुआ है, उससे लग रहा है कि 5300 से ज्यादा लोग मारे गए हैं.

Big breaking:बागेश्वर की जीत से पीएम मोदी का धामी पर बढ़ता विश्वास, पढ़ें हमारी स्पेशल रिपोर्ट इस खबर को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

पहले कभी नहीं आय़ा ऐसा तूफान

डेंगू रोकथाम को अगले 4 दिन देहरादून जिले में चलेगा महाअभियान: स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने दिये निर्देश इस खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें, 👈👈👈

डर्ना समुद्री तट के किनारे बसा शहर है. यहां करीब 89 हजार लोग रहते हैं. लेकिन तूफान की वजह से आई सुमद्री बाढ़ और बारिश की वजह से आई फ्लैश फ्लड ने कई सड़कों और ब्रिजों को तोड़ दिया है. कई जगहों पर सामूहिक कब्रिस्तान बनाए जा रहे हैं. इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेडक्रॉस एंड रेड क्रिसेंट सोसाइटीज के लीबिया दूत तामेर रमादान कहते हैं कि मरने और लापता होने वालों का आंकड़ा अभी और बढ़ेगा. संयुक्त राष्ट्र को यह बताया गया है कि यहां पर कम से कम 10 हजार लोग लापता हैं. यह सब जलवायु परिवर्तन का नतीजा है. इतना तेज तूफान पहले कभी नहीं यहां पर आया.

शहर की नदी भी लापता

सदन में राज्य आंदोलनकारियों के मुद्दे पर संसदीय कार्य मंत्री हुए भावुक: मुजफ्फरनगर मसूरी कांड खटीमा कांड की काली यादों को याद कर नहीं रोक पाए आंसू: देखें वीडियो इस खबर को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें, 👈👈👈👈

बता दें कि डर्ना और लीबिया के पूर्वी इलाकों में यह आफत रविवार रात आई थी. स्थानीय लोगों ने तेज धमाका सुना. इसके बाद पूरा शहर पानी-पानी हो गया. साथ बहकर आया कीचड़. फ्लैश फ्लड की वजह से डर्ना का निचला इलाका वाडी डर्ना पूरी तरह से साफ हो गया. चारों तरफ कीचड़ और कचरा फैला पड़ा है. यहां तक कि शहर की नदी भी लापता है.

Big breaking:उत्तराखंड के प्रगतिशील किसान गोपाल उप्रेती में देश में बढ़ाया देव भूमी का मान, प्रगतिशील किसानी के लिए मिला राष्ट्रपति सम्मान: देखें वीडियो इस खबर को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें, 👈👈👈👈👈

पहले ही दी गई थी डैनियल तूफान की चेतावनी

Big breaking:SBI में प्रोबेशनरी ऑफिसर के 2000 पदों पर निकली भर्ती, ऐसे करें अप्लाई इस खबर को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें, 👈👈👈👈

लीबिया के सरकारी मौसम विभाग ने कहा लोगों को डैनियल तूफान की चेतावनी उसके आने से 72 घंटे पहले दी थी. कहा था कि लोग सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं. लेकिन ये बात किसी ने सुनी नहीं. रविवार से सोमवार के बीच 414.1 मिलिमीटर यानी 16.3 इंच बारिश हुई. अगले दिन लोग मलबे में मरे हुए लोगों को खोजने में लग गए. पानी से शवों को निकालने के लिए रबर के बोट्स का सहारा लिया जा रहा है. लेकिन हर जगह पानी नहीं है. ज्यादातर जगहों पर कीचड़ है.

कई देशों ने बढ़ाया मदद का हाथ

पूर्वी लीबिया के स्वास्थ्य मंत्री ओथमैन अब्दुलजलील ने कहा कि कई शव अब भी इमारतों के नीचे या फिर कीचड़ में फंसे हुए हैं. कइयों को भूमध्यासागर से आई बाढ़ अपने साथ खींचकर वापस ले गई त्रिपोली में राज कर रही पश्चिमी इलाके की सरकार ने विमान से 14 टन मेडिकल सप्लाई और हेल्थ वर्कर्स को बेंगाजी से डर्ना की तरफ भेजा है. मिस्र, तुर्किए और संयुक्त राष्ट्र अरब से भी मदद पहुंच रही है. जर्मनी, फ्रांस और इटली ने भी मदद भेजने की घोषणा की है. डर्ना बेंगाजी से करीब 250 किलोमीटर दूर है.

About Post Author



Post Views:
69

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments