ग्राम पंचायत देवल के सामाजिक कार्यकर्त्ता व भाजपा के सह मीडिया प्रभारी(प्रदेश) कमलेश. उनियाल किया लुठियाग के खल्वा नामी तोक का भ्रमण – raibarpahadka.com

रामरतन पवांर/जखोली

ग्राम पंचायत देवल के सामाजिक कार्यकर्त्ता व भाजपा के सह मीडिया प्रभारी(प्रदेश) कमलेश. उनियाल किया खल्वा नामी तोक का भ्रमणl

भ्रमण कार्यक्रम के दौरान उनियातल ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएंl

विधानसभा रुद्रप्रयाग के अंतिम छोर पर स्थित ग्राम लुटियाग की खल्वा तोक में आज एक महत्वपूर्ण जनसंपर्क एवं निरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत सामाजिक कार्यकर्ता कमलेश उनियाल का पहुंचना स्थानीय ग्रामीणों के लिए एक ऐतिहासिक अवसर साबित हुआ।

दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में लगभग साढ़े चार किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई पार कर वहां तक पहुंचना इस बात का प्रमाण है कि वे केवल चुनावी औपचारिकताओं तक सीमित नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर वास्तविक समस्याओं को समझने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
ग्रामीणों द्वारा पारंपरिक तरीके से स्वागत किए जाने के उपरांत स्थानीय निवासी राम सिंह एवं खजान सिंह ने गांव की मूलभूत समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि आजादी के बाद से अब तक इस तोक में न तो सड़क पहुंची है और न ही समुचित पैदल मार्ग का निर्माण हो सका है। क्षेत्र में बना एकमात्र सामुदायिक भवन भी सीमित उपयोग का है, जबकि अन्य आधारभूत सुविधाएं आज भी ग्रामीणों के लिए दूर की बात बनी हुई हैं।
विशेष रूप से महिलाओं की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं अत्यंत गंभीर हैं। ग्रामीणों ने बताया कि रात्रि के समय प्रसव पीड़ा होने पर गर्भवती महिलाओं को चार किलोमीटर से अधिक कठिन रास्ता तय कर सड़क तक लाना पड़ता है, जिससे कई बार रास्ते में ही प्रसव की स्थिति बन जाती है। यह स्थिति क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को उजागर करती है।
कृषि एवं आजीविका के क्षेत्र में भी ग्रामीण अनेक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। स्थानीय युवाओं द्वारा स्वरोजगार के उद्देश्य से आलू की खेती शुरू की गई, किंतु जंगली जानवरों के बढ़ते खतरे के कारण फसल का भारी नुकसान हो रहा है। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए कमलेश उनियाल ने अपने निजी संसाधनों एवं स्वयंसेवी टीम के माध्यम से सोलर फेंसिंग लगाने की पहल करने की घोषणा की, जिसका ग्रामीणों ने हर्षोल्लास के साथ स्वागत किया।
इसके अतिरिक्त आंगनबाड़ी एवं एएनएम सेवाओं से जुड़ी समस्याओं को भी संज्ञान में लेते हुए संबंधित अधिकारियों से तत्काल वार्ता कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया, ताकि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाया जा सके।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि अब तक कोई भी जनप्रतिनिधि इस दुर्गम तोक तक नहीं पहुंचा था और अधिकतर नेता केवल सड़क तक सीमित रह जाते हैं। ऐसे में कमलेश उनियाल का इस क्षेत्र में पहुंचना उनके प्रति विश्वास और आशा का संचार करता है।
इस अवसर पर कमलेश उनियाल ने कहा कि उनका यह भ्रमण केवल चुनावी उद्देश्य से नहीं, बल्कि पहाड़ी क्षेत्रों में पलायन की वास्तविक स्थिति को समझने और स्थायी समाधान की रणनीति तैयार करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वे अब तक 350 से अधिक गांवों एवं तोकों का भ्रमण कर चुके हैं और अपने व्यक्तिगत संसाधनों एवं प्रशासनिक समन्वय के माध्यम से लोगों की समस्याओं के समाधान हेतु निरंतर प्रयासरत हैं।
यह दौरा न केवल एक क्षेत्र विशेष की समस्याओं को उजागर करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि आज भी जनपद रुद्रप्रयाग के कई गांव मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। यह स्थिति शासन-प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों के लिए एक गंभीर संदेश है कि विकास की मुख्यधारा से छूटे इन क्षेत्रों की ओर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

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