
उत्तराखंड के चार धाम और पर्यटन को मिलेगा नया आयाम, बनेंगी इको-फ्रेंडली माउंटेन ट्रेल्स, खुलेंगे रोजगार के अवसर: राजेश्वर पैन्यूली
बजट पर C. A. राजेश्वर पैन्यूली बोले-
उत्तराखंड के चार धाम और पर्यटन को मिलेगा नया आयाम, बनेंगी इको-फ्रेंडली माउंटेन ट्रेल्स, खुलेंगे रोजगार के अवसर
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश का बजट पेश कर दिया है। बजट में कई बड़ी घोषणाएं की गई हैं। बजट में सरकार ने कई योजनाएं और सौगातें पेश की हैं। बजट पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत कई मंत्रियों ने अपने विचार व्यक्त किए। बजट पर बीजेपी आर्थिक प्रकोष्ठ सहसंयोजक सी.ए. राजेश्वर पैन्यूली की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। सी.ए. पैन्यूली ने बजट की तारीफ करते हुए कहा, कि राष्ट्र को आत्मनिर्भरता, समृद्धि और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में अग्रसर करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 केवल एक आर्थिक दस्तावेज़ नहीं, बल्कि विकसित भारत के संकल्प का सशक्त घोषणापत्र है। इस सर्वसमावेशी और दूरदर्शी बजट के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बधाई देता हूं।
केंद्रीय बजट 2026-27 आर्थिक रूप से उत्तराखंड के लिए फायदेमंद साबित होगा। 16वें वित्त आयोग की सिफारिश पर केंद्रीय करों में उत्तराखंड की हिस्सेदारी बढ़ी है। इससे राज्य को 1841 करोड़ की अतिरिक्त राशि मिलेगी। हिस्सेदारी में केंद्र सरकार से इस वित्तीय वर्ष में 17,414 करोड़ मिलेंगे। केंद्र सरकार ने बजट में उत्तराखंड की ओर से प्रस्तुत प्राथमिकताओं व मांगों पर संज्ञान में लेते हुए प्रावधान किए हैं। विशेष रूप से पूंजी निवेश के लिए राज्यों को वित्तीय सहायता योजना व जल जीवन मिशन योजना के विस्तार से जुड़े निर्णय राज्य में आधारभूत संरचना के विकास को नई गति देंगे। 15 वें वित्त आयोग केंद्रीय करों में उत्तराखंड की हिस्सेदारी 1.118 प्रतिशत थी। इसे 16वें वित्त आयोग में बढ़ाकर 1.141 प्रतिशत किया गया। वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य को हिस्सेदारी के रूप में 15,573 करोड़ था।
जबकि वित्तीय वर्ष में 17,414 करोड़ रुपये मिलेगी। जो इस वर्ष 1841 करोड़ अधिक है। 16 वें वित्त आयोग में क्षैतिज हस्तांतरण में राज्य की हिस्सेदारी में वृद्धि हुई है। इसका कारण राज्य के सुदृढ़ आर्थिक प्रदर्शन, वनों एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण व प्रभावी जनसांख्यिकीय प्रदर्शन रहा है।
उत्तराखंड के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट नई उमंग जगाने वाला है। केंद्र सरकार ने 16वें वित्त आयोग की संस्तुतियों को भी स्वीकृति दी है। इन संस्तुतियों के आधार पर नए वित्तीय वर्ष में राज्य को केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी के रूप में वर्ष 2025-26 की तुलना में 1841.16 करोड़ रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। वहीं, केंद्रीय बजट में ब्याजमुक्त ऋण के रूप में राज्यों को दी जाने वाली धनराशि में वृद्धि राज्य को बड़ी राहत मिलेगी। स्कीम फार स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फार कैपिटल इन्वेस्टमेंट के रूप में राज्य को लगभग 2000 करोड़ की राशि मिल सकेगी। जल जीवन मिशन योजना को केंद्रीय बजट में वर्ष 2028 तक विस्तारित तो किया गया है ही, साथ में इस योजना में 67,670 करोड़ रुपये बजट प्रविधान किया गया है।
परियोजना अवधि बढ़ने से राज्य को इसके अंतर्गत 3500 करोड़ की लंबित राशि मिलने की उम्मीद बंधी है। साथ में इस मद में वार्षिक बजट के रूप में बजट भी राज्य के हिस्से में आएगा। लगभग 10 केंद्रपोषित योजनाओं में बजट प्रविधान बढ़ने समेत राज्य को कुल अतिरिक्त केंद्रीय सहायता के रूप में 9000 करोड़ से अधिक राशि प्राप्त हो सकेगी।