बदरी केदार विकास स​मिति के वार्षिक बन्याथ का आयोजन,पहाड़ी संस्कृति, पंरपरा और गढ़भोज का होगा संगम,उभरते कलाकारों से होंगे रूबरू – Sainyadham Express

बदरी केदार विकास स​मिति के वार्षिक बन्याथ का आयोजन,पहाड़ी संस्कृति, पंरपरा और गढ़भोज का होगा संगम,उभरते कलाकारों से होंगे रूबरू

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हर साल की तरह इस बार भी बदरी केदार विकास स​मिति वार्षिक बन्याथ कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है। इस बार कार्यक्रम का आयोजन 12 जनवरी रविवार को सामुदायिक भवन डिफेंस कॉलोनी देहरादून में आयोजित होगा। जो कि देर रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ ही अन्य गतिविधियों और गढ़ भोज के साथ समापन होगा। बदरी केदार विकास समिति के अध्यक्ष विजय खाली ने कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी कि कार्यक्रम ठीक 2 बजे से सामुदायिक भवन डिफेंस कॉलोनी देहरादून में शुरू हो जाएगा।

 

 

कार्यक्रम की शुरूआत अनुज पुरोहित एवं शौर्य सेमवाल के सांस्कृतिक कार्यक्रम से होगा। जो कि दोपहर 2 से 3 बजे तक चलेगा। इसके बाद 3 बजे कार्यक्रम का विधि​वत शुभारंभ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉक्टर डी आर पुरोहित करेंगे। मुख्य अतिथि के साथ विशिष्ट अतिथि प्रमोद कोठियाल समाजसेवी, अजेंद्र अजय अध्यक्ष बद्री केदार मंदिर समिति, ओमप्रकाश राणा सेवा निवृत महानिदेशक नौसेना, विशाल रावत निर्देशक विशाल एंड कंपनी, आमंत्रित अतिथि राजवीर सिंह बिष्ट सचिव बार एसोसिएशन, अध्यक्ष विजय खाली सचिव मुकेश राणा, मुख्य अतिथि एवं समिति के पदाधिकारी द्वारा दीप प्रज्वलन एवं पांच ब्राह्मणों द्वारा स्वस्तिवाचन के साथ होगा।

 

 

 

इसके बाद स्वागत समारोह और सचिव के द्वारा समिति के कार्यक्रमों और कार्यों का लेखा जोखा रखा जाएगा। जिसके बाद गढ़नंदिनी और कैलेंडर का विमोचन सभी अतिथियों द्वारा किया जाएगा। इन सभी क्रियाकलापों के बाद शुरू होगा सांस्कृतिक कार्यक्रम जिसमें उत्तराखंड की प्रसिद्ध गायिका हेमा नेगी करासी और अमित खरे रंगारंग प्रस्तृतियां देंगी। इसके साथ ही समिति ने नए उभरते कलाकारों सुनीता, कविता भट्ट, पुष्पा चौहान को भी मंच देने की पहल की है। जिससे ऐसे उभरते कलाकारों को भी मौका और सम्मानित मंच मिल सके,जिनके अंदर प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन किसी कारणवश ये कलाकार अभी तक अपनी पहचान को नहीं पा सके हैंं। इस पूरे आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण पहाड़ की दिव्यांग बेटी सुनीता हैं। ​

 

 

जो कि जन्म से देख नहीं सकती हैं लेकिन आवाज और संगीत में ऐसी महारथ हासिल है कि हर कोई मंत्रमुग्ध हो जाए। कार्यक्रम के दौरान सामाजिक कार्य के लिए कुछ लोगों को सम्मानित भी किया जाएगा। इसके बाद पहाड़ी व्यंजन और गढ़ भोज का शानदार आयोजन भी किया गया है। जिसमें पहाड़ी व्यंजनों का सभी लुत्फ ले सकेंगे।

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