ग्राम पटोटिया में वन विभाग की सुस्त कार्यशैली पर ग्रामीणों में आक्रोश। मुआवजे न मिलने पर जताई नाराजगी। – raibarpahadka.com

ग्राम पटोटिया में वन विभाग की सुस्त कार्यशैली पर ग्रामीणों में आक्रोश। मुआवजे न मिलने पर जताई नाराजगी। 

काँग्रेस नेता रघुबीर बिष्ट ने वन विभाग व प्रशासन को आंदोलन की दी चेतवानी। 

 

(धुमाकोट) विकास खण्ड नैनीडाण्डा के ग्राम पटोटिया में पिछले कुछ दिनों में अज्ञात वन्यजीव के दहशत व वन विभाग की सुस्त कार्यशैली के चलते ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्राम प्रधान संजना देवी की अध्यक्षता में ग्राम पटोटिया में ग्रामीणों ने एकत्रित हो कर एक सभा का आयोजन कर वन विभाग व प्रशासन की सुस्त कार्यशैली पर नाराजगी जाहिर की। ग्राम प्रधान संजना देवी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से अज्ञात वन्यजीव गाँव में पाँच गौशालाएँ तोड़कर छः गायों को अपना निवाला बना चुका है। जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। प्रधान संजना देवी ने बताया कि दो घटनाओं के बाद वन विभाग ने कैमरे लगा कर भालू व बाघ होने का अंदेशा जताया है व दोनों के लिए दो पिंजड़े लगाये हैं। लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी पिंजरे मे अभी तक कोई वन्यजीव नहीं फँस पाया है। ग्रामीण अपने छोटे छोटे बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं। पुष्पा नेगी ने बताया कि बाघ व भालू के भय से ग्रामीण शाम को ही 6 बजे तक अपने अपने घरों मे कैद हो जाते हैं। पुष्पा नेगी ने आरोप लगाया की पिछले महीनों में वन्यजीवों ने अनेक बकरियों व 6 गायों को निवाला बना दिया है। लेकिन अभी तक वन विभाग ने पीड़ित ग्रामीणों को मुआवजा नहीं दिया है। ग्रामीण पान सिंह व वन सरपँच बीना देवी ने भी वन विभाग की बेहद सुस्त कार्यवाही पर नाराजगी जताते हुए कहा कि केवल खाली पिंजरे लगाने से समस्या का समाधान नहीं होगा व खाली पिंजरे में कोई भी वन्य जीव क्यों फँसेगा ? विभाग को वन्य जीव को पिंजरे में फँसाने के लिए कुछ उनके भोजन की व्यवस्था करनी चाहिए जिसे लालच में वन्यजीव पिंजरे में कैद हो सके। वरिष्ठ काँग्रेस नेता ने भी ग्राम पटोटिया में जाकर पीड़ित ग्रामीणों की समस्याओं को सुना व शीघ्र ही वन्यजीवों के भय से निजात दिलाने व महीनों से लंबित पड़े हुए मुआवजे को पीड़ितों को दिलवाने के लिए प्रभागीय वनाधिकारी महातिम यादव व क्षेत्रीय वनाधिकारी सुभाष घिल्डियाल से दूरभाष पर वार्ता की। प्रभागीय वनाधिकारी महातिम यादव ने रघुबीर बिष्ट को शीघ्र ही लंबित मुआवजों का भुगतान करने की बात की।

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